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बुध का मेष राशि में गोचर (30 अप्रैल 2026)

बुध का मेष राशि में गोचर: ग्रहों के राजकुमार के नाम से प्रसिद्ध बुध ग्रह 30 अप्रैल 2026 की सुबह 06 बजकर 38 मिनट पर मेष राशि में गोचर करने जा रहे हैं। बीते काफ़ी समय से बुध देव मीन राशि से विराजमान थे जो इनकी नीच राशि मानी जाती है। साथ ही, वह शनि ग्रह के साथ युति कर रहे थे। ऐसे में, बुध के मेष राशि में गोचर से इनकी स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा।

बुध का मेष राशि में गोचर 30 अप्रैल 2026 को होने जा रहा है।

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विद्वान ज्योतिषियों से फोन पर बात करें और जानें बुध का मेष राशि में गोचर का अपने जीवन पर प्रभाव

इसी क्रम में, एस्ट्रोसेज एआई आपके लिए “बुध का मेष राशि में गोचर” का सभी राशियों पर प्रभाव नज़र आएगा इसलिए यहाँ हम आपको 12 राशियों का भविष्यफल और इनसे बचने के अचूक उपाय प्रदान करेगा।

To Read in English Click Here: Mercury Transit In Aries

यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी व्यक्तिगत चन्द्र राशि अभी जानने के लिए चंद्र राशि कैलकुलेटर का उपयोग करें

बुध का मेष राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए बुध देव तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं जो अब आपके लग्न भाव में प्रवेश करेंगे। बता दें कि कुंडली में बुध महाराज आपके साहस, बदलाव, छोटे भाई-बहनों और प्रयासों से जुड़े क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं। तीसरे भाव का संबंध आपके द्वारा किए जा रहे प्रयासों से होता है जो कि उपच्छाया भाव भी है इसलिए इस भाव से समय के साथ विकास और प्रगति देखी जाती है।। ऐसे में, बुध का यह ग्रह गोचर आपकी वाणी, सीखने की क्षमता और विचारों को दूसरे के सामने व्यक्त करने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है।

बुध देव आपके छठे भाव के भी स्वामी हैं और सभी 4 उपचय भावों में से 2 का स्वामित्व प्राप्त है। इन दोनों ग्रहों भावों के स्वामी बुध देव हैं जिन्हें आपके जीवन में प्रगति की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। छठे भाव के अधिपति देव होने के नाते कर्ज़, रोग, दैनिक दिनचर्या, नौकरी को भी नियंत्रित करते हैं। ऐसे में, इनके गोचर का असर अपने रोज़मर्रा के जीवन में किए जाने वाले कार्यों, आपके द्वारा लिए गए लोन और स्वास्थ्य पर दिखाई दे सकता है।

बुध ग्रह और आपके राशि के स्वामी मंगल के बीच स्वाभाविक रूप से संबंध बहुत मधुर नहीं माने जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप, बुध महाराज को आपके लिए पाप ग्रह माना गया है। अब जब बुध आपके लग्न यानी कि पहले भाव में प्रवेश करने जा रहे हैं, जहां उन्हें दिग्बल की प्राप्ति होती है। ऐसे में, इस गोचर के दौरान आपको बुध ग्रह से शुभ परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

बुध का मेष राशि में गोचर के दौरान आपको संचार कौशल से जुड़े मामलों में कुछ बड़े फैसले लेने की आवश्यकता होगी। इस समय आपका सारा ध्यान अपने सेहत पर होगा और आप स्वास्थ्य को प्राथमिकता देंगे क्योंकि बुध देव आपके लिए कुछ स्वास्थ्य समस्याएं लेकर आ सकते हैं। बता दें कि यह स्वास्थ्य समस्याएं पाचन या वायरल इन्फेक्शन के रूप में आपको परेशान कर सकती है।

बुध महाराज लग्न भाव से बैठकर आपके सातवें भाव को देख रहे होंगे और इसके परिणामस्वरूप, आपके रिश्ते में संचार कौशल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही, आप जीवनसाथी से जुड़े कुछ बड़े फैसले लेते हुए दिखाई दे सकते हैं।

उपाय: प्रतिदिन बुध ग्रह के बीज मंत्र का जाप करें।

मेष राशिफल 2026

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए बुध महाराज आपके दूसरे और पांचवें भाव के स्‍वामी हैं। यह आपके लिए सबसे शुभ ग्रहों में से एक है। आपके दूसरे भाव के स्वामी के साथ-साथ धन भाव के भी स्वामी हैं। ऐसे में, यह आपके धन, आय, परिवार और वाणी से भी संबंध रखते हैं। बता दें कि बुध देव आपके पांचवें भाव के स्वामी भविष्य, संतान और अथाह प्रेम से हैं और यह अब आपके बारहवें भाव में प्रवेश करने जा रहे हैं। दूसरे भाव के स्वामी के रूप में बुध महाराज आपके आय और समृद्धि के कारक हैं जो अब आपके खर्चों के भाव में जा रहे हैं।

बता दें कि कुंडली में बारहवें भाव का जुड़ाव व्यय, खर्च, हानि, नींद, एकांत और आत्मचेतना से होता है। ऐसे में, धन भाव के स्वामी बुध देव का खर्चों के भाव में जाना इस बात की तरफ इशारा करता है कि इस अवधि में आपके खर्चों में वृद्धि हो सकती है। साथ ही, आप जीवन के कुछ बड़े फैसले जल्दबाज़ी में ले सकते हैं और साथ ही, आपके मन में बेचैनी महसूस हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप, वृषभ राशि के जातकों को बुध का मेष राशि में गोचर के दौरान संयम बरतने और सोच-समझकर फैसले लेने की सलाह दी जाती है। इस अवधि में इन जातकों को आध्यात्मिक गतिविधियां जैसे योग, ध्यान और मंत्र जाप में आपको मानसिक शांति प्रदान करेगा। साथ ही, सही दिशा में आगे बढ़ने में भी आपकी मदद करेगा।

आर्थिक जीवन में आपको सावधानी बरतनी होगी और बिना सोचे-समझे कोई भी खरीदारी करने से बचें, विशेष रूप से कोई बड़ी खरीदारी न करें। ऐसे में, आपको धन से जुड़े मामलों में सतर्क रहना होगा। इन जातकों को आर्थिक जीवन पर ध्यान देना होगा, तब ही आप सही फैसले ले पाएंगे।

बुध देव आपके छठे भाव पर दृष्टि डाल रहे होंगे जिसका संबंध दिनचर्या और रोज़मर्रा कामों से होता है। ऐसे में, आपको अपनी सेहत पर ध्यान देना होगा।

उपाय: भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करें और उन्हें दूर्वा अर्पित करें।

वृषभ राशिफल 2026

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मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों की कुंडली में बुध देव एक महत्वपूर्ण ग्रह माने जाते हैं क्योंकि यह आपके लग्न और आपके लग्न और चौथे भाव के स्वामी हैं। इस प्रकार, यह आपके व्यक्तित्व, आपके शरीर, स्वभाव, ऊर्जा और जीवन शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं। चौथे भाव के स्वामी के रूप में यह आपके जीवन में माता, घर, जन्म भूमि, संपत्ति, वाहन और उन चीज़ों का दर्शाते हैं जो आपको खुशी देने का काम करते हैं।

अब बुध का मेष राशि में गोचर आपके ग्यारहवें भाव में होने जा रहा है। बता दें कि कुंडली में ग्यारहवां भाव लाभ, आय, दोस्तों, सामाजिक जीवन, नेटवर्किंग और समाज में अपनी अलग पहचान का भाव माना जाता है। ऐसे में, लग्न भाव और सुख भाव के स्वामी बुध महाराजः का गोचर आपके लाभ भाव में होना बेहद शुभ माना जाएगा।

इसके परिणामस्वरूप, बुध के मेष राशि में प्रवेश करने से आपको जीवन में प्रगति पाने के मार्ग में अच्छा ख़ासा सहयोग प्राप्त होगा। साथ ही, इस दौरान आप साल के कुछ सबसे बेहतरीन और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए दिखाई दे सकते हैं। कार्यक्षेत्र में इन जातकों के विस्तार, नए अवसरों के मिलने और आय में बढ़ोतरी के योग बनेंगे।

मेष राशि में बुध के गोचर की अवधि में आप खुद को जानने-समझने और अपनी पसंद के बारे में जानने में समय बिताएंगे। साथ ही, आप अपने दोस्तों से मिलेंगे जिससे आपके सामाजिक जीवन का दायरा बढ़ेगा जो आपके लिए विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। इस समय आप अपनी एक अलग पहचान बनाने में सक्षम होंगे और ऐसे में, आप दूसरों को गहराई से प्रभावित कर सकेंगे। बता दें कि बुध देव आपके ग्यारहवें भाव में बैठकर अपनी सातवीं दृष्टि से पांचवें भाव को देख रहे होंगे और ऐसे में, यह छात्रों, प्रेमी जोड़ों और इस राशि के माता-पिता को सकारात्मक परिणाम प्रदान करेगा।

उपाय: आप बुधवार के दिन 5 से 6 कैरेट का पन्‍ना रत्‍न सोने या चांदी की अंगूठी में जड़वाकर धारण करें। इससे मिथुन राशि वालों को शुभ फल प्राप्‍त होंगे।

मिथुन राशिफल 2026

कर्क राशि

कर्क राशि वालों की कुंडली में बुध महाराज आपके बारहवें और तीसरे भाव के स्वामी हैं जो अब मेष राशि में गोचर करते हुए अपनी नीच अवस्था से बाहर आने जा रहे हैं। बुध का मेष राशि में गोचर आपके दसवें भाव में होने जा रहा है और इस भाव का संबंध काम, पेशेवर जीवन और समाज में आपकी भूमिका से होता है। कुंडली का दसवां भाव आप इस संसार में अपना जीवन चलाने के लिए क्या करते हैं और समाज में आपकी पहचान किस रूप में है आदि को दर्शाते हैं।

बुध देव को दसवें भाव के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है जो आपके लिए करियर के क्षेत्र में संचार कौशल, कार्यों का सही प्रबंधन, योजना और समय को अच्छे से मैनेज करने की क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है। व्यापार के संबंध में बुध देव हर तरह की ट्रेडिंग को भी नियंत्रित करते हैं इसलिए इस गोचर को बिज़नेस की दृष्टि से बहुत अच्छा और प्रभावशाली कहा जाएगा।

इस अवधि में आप करियर के क्षेत्र में आप कुछ नया सीखते हुए नज़र आ सकते हैं क्योंकि बुध आपके तीसरे भाव के भी स्वामी हैं जो सीखने, प्रयास और नई-नई स्किल्स का भाव होता है। साथ ही, बुध आपके बारहवें भाव के स्वामी भी हैं और इस भाव का संबंध स्वयं से सोचने-विचारने और आत्म-जागरूकता का होगा।

इस समय आप कार्यों को तेज़ी से करते हुए दिखाई देंगे और अचानक से आप पर काम का दबाव बढ़ सकता है। बुध के मेष राशि में प्रवेश की अवधि में आपको मुश्किल कार्यों को बहुत कम समय में पूरे करने पड़ सकते हैं इसलिए आपको मानसिक रूप से तैयार रहने की सलाह दी जाती है। हालांकि, आपको अपने बेहतरीन संचार कौशल और लगातार प्रयासों के बल पर आप इन सभी समस्याओं से सफलतापूर्वक बाहर आने में सक्षम होंगे।

दसवें भाव में उपस्थित बुध देव की सातवीं दृष्टि आपके चौथे भाव पर होगी। इसके फलस्वरूप, आप अपने घर-परिवार से अव्यवस्था को दूर करते हुए अच्छे से सब प्रबंधित करने का प्रयास करेंगे जिससे आपके जीवन में मधुरता बनी रहेगी।

उपाय: कार्यस्थल और घर पर बुध यंत्र की स्थापना करें।

कर्क राशिफल 2026

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए बुध महाराज आपके दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। ऐसे में, बुध देव की भूमिका धन से जुड़े मामलों में अहम हो जाती है। दूसरे भाव का संबंध धन भाव से होता है जो धन जमा करने का प्रतिनिधित्व करता है। इस राशि के जो भी धन जमा करते हैं, खानपान का सेवन करते हैं और परिवार को दूसरे भाव से देखा जाता है। साथ ही, यह भाव आपकी वाणी का भी प्रतिनिधित्व करता है।

बता दें कि बुध ग्रह आपके ग्यारहवें भाव के स्वामी भी हैं और इस भाव का जुड़ाव आय, लाभ, मित्रों और सामाजिक जीवन से होता है। बुध देव आपके लग्न भाव के स्वामी के साथ मित्रवत संबंध रखते हैं और अब यह आपके नौवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इस प्रकार, बुध की यह स्थिति आपके भाग्य भाव को मज़बूत करने का काम करेगी। अगर आप यदि उच्च शिक्षा करने के बारे में सोच-विचार कर रहे हैं या कोई नया कोर्स या स्किल सीखना चाहते हैं, तो यह समय आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा। आने वाले कुछ हफ्तों में कुछ नया सीखना आपके लिए खास तौर पर लाभदायक रहेगा।

बुध का मेष राशि में गोचर आपकी आय को बढ़ाने और व्यक्तित्व को मज़बूत बनाने का काम करेगा। साथ ही, आपको हर कदम पर अपने भाग्य का साथ मिलेगा। ऐसे में, बुध का यह राशि परिवर्तन आपके लिए बहुत शुभ रहने का अनुमान है। इस अवधि में कई शुभ योगों का निर्माण होगा जिससे आपके धन-समृद्धि में वृद्धि होगी। इसके परिणामस्वरूप, आपकी आय में बढ़ोतरी होगी या फिर आपकी धन कमाने की क्षमता मज़बूत होगी। बुध गोचर के दौरान आप कोई दीर्घकालिक योजना में धन निवेश करने का फैसला ले सकते हैं। यह जातक आय में वृद्धि के लिए कुछ नया करने का मन भी बना सकते हैं।

बुध देव आपके नौवें भाव में बैठकर आपके सातवें भाव को देख रहे होंगे और ऐसे में, आपकी बात करने की क्षमता शानदार रहेगी और आप अच्छे से अपनी बात दूसरों के सामने रख सकेंगे। इस समय परिवार और दोस्तों से संपर्क बनाए रखना बहुत जरूरी रहेगा क्योंकि इस अवधि में आपको उनसे कोई महत्वपूर्ण काम या फिर कोई जिम्मेदारी सामने आ सकती है।

उपाय :आप अपने पिता को कोई हरे रंग की चीज़ उपहार में दें।

कर्क राशिफल 2026

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए बुध देव आपके लग्न भाव के स्वामी हैं जो अब अपनी नीच राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करने जा रहे हैं। बता दें कि बुध ग्रह आपके लग्न/पहले भाव के स्वामी हैं जो आपके व्यक्तित, ऊर्जा, रोग प्रतिरोधक क्षमता और शरीर आदि का प्रतिनिधित्व करता है। इसके साथ ही बुध आपके दसवें भाव के भी स्वामी हैं जो अब गोचर करके आपके रोज़गार, पेशेवर जीवन, नौकरी, व्यापार, कार्यक्षेत्र और समाज में आपकी भूमिका को भी दर्शाता है।

कन्या राशि के जातक अपना जीवनयापन करने के लिए क्या करते हैं जैसे नौकरी, व्यापार और कार्यक्षेत्र आदि। इस राशि के लोगों के लिए बुध ग्रह एक महत्वपूर्ण ग्रह हैं और ऐसे में, इनका नीच राशि से बाहर निकलना आपके लिए राहत की बात कहा जाएगा। लेकिन यह आपको तरह से राहत देने का काम नहीं करेगा क्योंकि बुध अब आपके आठवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। बता दें कि कुंडली में आठवें भाव का संबंध अनिश्चितता, रहस्य, गूढ़ विज्ञान और गहन रिसर्च से होता है। इसके परिणामस्वरूप, बुध का मेष राशि में गोचर को आपके लिए अनुकूल नहीं कहा जा सकता है।

इस अवधि में आपको अचानक से होने वाले बदलावों के लिए तैयार रहना होगा, विशेष रूप से कार्यक्षेत्र से जुड़े मामलों में। इस दौरान आपको नौकरी में अचानक से कोई मुश्किल प्रोजेक्ट या बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है या फिर आपक्व रोले या फिर आपकी जिम्मेदारियों में भी कुछ बदलाव हो सकता है। यह बदलाव भले ही अस्थायी हो, लेकिन शुरुआत में आपको थोड़ा असहज महसूस करा सकता है इसलिए इस समय आपको खुद को हर परिस्थिति के अनुसार ढालने का प्रयास करना होगा।

बुध का मेष राशि में गोचर के दौरान आपको जल्दबाज़ी में कोई भी निर्णय लेने से बचना होगा फिर चाहे वह प्रेम जीवन या करियर से जुड़ा हो। ऐसे में, आपको हर फैसला बहुत सोच-समझकर लेने की सलाह दी जाती है। साथ ही, इन जातकों को अपने स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य दोनों का भी ध्यान रखना होगा।

बुध देव आठवें भाव में बैठकर अपनी सातवीं दृष्टि से आपके दूसरे भाव को देख रहे होंगे इसलिए आपको सिर्फ़ उन चीज़ों का सेवन करने की सलाह दी जाती है जो आपकी सेहत के लिए अच्छा होगा ,इस दौरान हरे पिस्ता और हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ खाना आपके लिए फलदायी साबित होगा। अगर आपकी कुंडली में बुध ग्रह कमज़ोर हैं, तो आपके लिए हरी घास पर चलना अच्छा रहेगा। ऐसे में, आप प्रकृति के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताएं।

उपाय: किन्नरों का आदर करें। अगर संभव हो, तो उन्हें हरे रंग के वस्त्र भेंट करें और उनका आशीर्वाद लें।

कन्या राशिफल 2026

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तुला राशि

तुला राशि वालों की कुंडली में बुध ग्रह आपके सातवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। बता दें कि कुंडली में सातवां भाव विवाह और पार्टनरशिप का प्रतिनिधित्व करता है जो जीवनसाथी का भाव होता है। ऐसे में हम कह सकते हैं कि बुध का मेष राशि में गोचर के दौरान आपकी वाणी और बात करने की क्षमता रिलेशनशिप में अहम भूमिका अदा करेगी। बुध ग्रह आपके नौवें भाव के स्वामी हैं और यह भाव पिता या पिता तुल्य व्यक्ति, भाग्य और लंबी दूरी की यात्राओं का होता है। ऐसे में, इस गोचर के दौरान आपका भाग्य साथी के साथ जुड़ा हो सकता है इसलिए कोई भी बड़ा फैसला लेते समय उनकी सलाह लें क्योंकि वे आपकी मदद करने और आपको सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास कर सकते हैं।

बुध ग्रह आपके बारहवें भाव के स्वामी हैं और इस भाव का संबंध आत्म-जागरूकता, खर्चों और हानि से होता है। ऐसे में, आपको अपने जीवनसाथी की सेहत को लेकर सतर्क रहना होगा। आपको योग या मेडिटेशन करने की सलाह दी जाती है। धर्म-कर्म में आपका झुकाव बढ़ेगा। इस प्रकार, आप इन क्षेत्रों में समय बिताते हुए नज़र आ सकते हैं। बुध गोचर की अवधि में आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

बुध महाराज आपके सातवें भाव में उपस्थित होंगे और वहां से उनकी सातवीं दृष्टि आपके लग्न भाव पर होगी। इसके फलस्वरूप, आपको अपने खर्चों पर नज़र बनाए रखनी होगी। इस दौरान जीवनसाथी या स्वयं को प्रसन्न करने को लेकर आपके सामने एक के बाद एक खर्चे आ सकते हैं या फिर आप दोनों मिलकर एक बड़ी धन राशि खर्च कर सकते हैं। बुध आपको खुलकर बात करने और स्पष्ट रूप से अपनी बात रखने के लिए प्रेरित करेगा।

उपाय: आप अपने बेडरूम में इंडोर प्लांट्स लगाएं।

तुला राशिफल 2026

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध देव को अशुभ ग्रह माना जाता है क्योंकि इनके आपके लग्न भाव के स्वामी मंगल ग्रह के साथ संबंध अच्छे नहीं हैं और दूसरी बात, यह आपकी कुंडली में आठवें और ग्यारहवें भाव को नियंत्रित करते हैं। बता दें कि कुंडली का आठवां भाव अचानक से होने वाले बदलाव, उतार-चढ़ाव, रहस्य, दीर्घायु और छिपे हुए रहस्यों का होता है। ऐसे में, आपके जीवन में अचानक से घटने वाली किसी भी घटना या बदलाव को बुध ग्रह द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

बुध महाराज आपके ग्यारहवें भाव के भी स्वामी हैं और यह भाव लाभ, आय और भौतिक सुख-सुविधाओं का प्रतिनिधित्व करता है। अब जब बुध का गोचर आपके छठे भाव में होने जा रहा है जिसका संबंध दैनिक जीवन, शत्रु, रोग और स्वास्थ्य से होता है। साथ ही, इस भाव से प्रगति और बुद्धि को भी देखा जाता है।

छठे भाव में बुध ग्रह की स्थिति अच्छी मानी जाती है क्योंकि कालपुरुष कुंडली में यह छठे भाव के स्वामी हैं और कन्या राशि में उच्च स्थिति में हो जाते हैं जो राशि चक्र में छठे स्थान पर आती है। इस प्रकार, आठवें भाव के स्वामी आपके छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में, एक बात जो निश्चित रूप से कह जा सकती है कि इस अवधि में आपको नकारात्मक परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यस्थल पर सहकर्मियों या मित्रों के साथ मतभेद हो सकते हैं इसलिए किसी पर भी जल्दी भरोसा न करने की सलाह दी जाती है। पहले लोगों को अच्छी तरह समझें क्योंकि इस समय भरोसा टूटने की संभावना रह सकती है।

बुध का मेष राशि में गोचर होने की अवधि में आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और अगर आप रोग से परेशान थे, तो अब उसमे सुधार देखने को मिलेगा। जो जातक बीते समय से पाचन से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे थे, तो अब उन्हें उससे राहत मिलेगी। बता दें कि छठे भाव से बुध महाराज की सातवीं दृष्टि आपके बारहवें भाव पर पड़ रही होगी। ऐसे में, आपको पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी जाती है क्योंकि ऐसा करना आपके लिए बहुत जरूरी होगा। अगर आप पूरे 8 घंटे की नींद लेते हैं, तो आप ऊर्जावान रहेंगे जिसकी आवश्यकता आपको दिन भर में अपने जरूरी कार्य पूरे करने के लिए होगी।

उपाय : रोज़ाना गाय को हरा चारा खिलाएं।

वृश्चिक राशिफल 2026

बृहत् कुंडली : जानें ग्रहों का आपके जीवन पर प्रभाव और उपाय

धनु राशि

धनु राशि वालों की कुंडली में बुध देव आपके सातवें भाव के स्वामी हैं और इस भाव का संबंध विवाह, रिलेशनशिप और साझेदारी से होता है। बता दें कि बुध ग्रह आपके रोज़गार, पेशेवर जीवन, सामाजिक जीवन और व्यापार के भाव यानी कि दसवें भाव को भी नियंत्रित करते हैं। इस तरह धनु राशि वालों के लिए बुध महाराज आपके लिए दो महत्वपूर्ण केंद्र भावों के स्वामी हैं इसलिए इसका प्रभाव आपके जीवन में खास माना गया है।

ऐसे में, बुध का मेष राशि में गोचर आपके पांचवें भाव में होने जा रहा है और इस भाव में बुध की स्थिति को ज्यादा अच्छा नहीं कहा जा सकता है। कुंडली में पांचवां भाव संतान, शिक्षा, प्रेम और रोमांटिक रिश्ते का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में, बुध के मेष राशि में प्रवेश का सीधा असर आपको प्रभावित कर सकता है और साथ ही, यह गोचर आपके कामकाज को प्रगति के मार्ग पर बढ़ने के लिए संकेत करेगा।

दसवें भाव के स्वामी के रूप में बुध का पांचवें भाव में प्रवेश करना बताता है कि आप पेशेवर जीवन में अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए कोई ट्रेनिंग, शॉर्ट कोर्स या क्रैश कोर्स कर सकते हैं। इससे आपके करियर में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। इसी प्रकार, आपके सातवें भाव के स्वामी का पांचवें भाव में जाना उन प्रेमी जोड़ों के लिए सकारात्मक रहेगा जो रिश्ते को शादी के बंधन में बदलने का मन बना रहे हैं। लेकिन दूसरी तरफ, इस बार की भी संभावना है कि इस राशि के शादीशुदा जातकों को सावधान रहना होगा क्योंकि आपके एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर में पड़ने की आशंका है, विशेष रूप से अपनी गतिविधियों को लेकर जिससे आप बुध गोचर से शुभ परिणाम प्राप्त कर सकें।

धनु राशि के छात्रों के लिए यह गोचर विशेष रूप से फलदायी रहेगा, विशेष रूप से उन छात्रों के लिए जो गणित या किसी भाषा से जुड़े कोर्स की पढ़ाई कर रहे हैं। पांचवें भाव से बुध की सातवीं दृष्टि आपके ग्यारहवें भाव पर पड़ रही होगी जिससे आय में वृद्धि या सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है। आर्थिक जीवन के लिए बुध का मेष राशि में गोचर फलदायी साबित होगा।

उपाय: गरीब बच्‍चों और छात्रों को को किताबें देना लाभकारी सिद्ध होगा।

धनु राशिफल 2026

मकर राशि

मकर राशिवालों के लिए बुध ग्रह आपके भाग्य भाव अर्थत नौवें भाव के स्वामी हैं। बता दें कि कुंडली का नौवां भाव भाग्य, आध्यात्मिक ज्ञान, लंबी दूरी की यात्राओं, पिता या पिता तुल्य लोग, गुरु और धर्म से होता है। यह भाव आपके भाग्य को भी दर्शाता है जो आपके लिए महत्वपूर्ण बन जाता है। अगर आप ज्ञान या धर्म की शिक्षा दूसरों को देते हैं, तो यह समय आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। आपके परिवार की परंपराएं`

बुध महाराज आपके छठे भाव को भी नियंत्रित करते हैं और कुंडली में यह भाव दिनचर्या, कर्ज़, शत्रु, रोगों और स्वास्थ्य का भी प्रतिनिधित्व करता है। बुध का अब आपके चौथे भाव में गोचर होने जा रहा है जो आपकी सुख-सुविधा, ख़ुशियों,, माँ, घर और मातृभूमि का होता है। ऐसे में, आपके नौवें भाव के स्वामी का गोचर चौथे भाव में होने क अवधि में आप किसी धर्मगुरु को अपने घर आमंत्रित कर सकते हैं में कोई हवन, पाठ या सत्यनारायण की पूजा करवा सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप, आपको घर-परिवार की सुख-शांति के लिए आशीर्वाद प्राप्त होगा।

दूसरी तरफ, छठे भाव के स्वामी का आपके चौथे भाव में जाना आपके घर-परिवार में समस्याओं को जन्म दे सकता है या फिर आपकी माता की सेहत बिगड़ सकती है। चौथे भाव में बैठे बुध की स्थिति मरण कारक मानी जाती है या फिर इनकी स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं मानी जा सकती है। ऐसे में, आपको परिवार के लोगों से घर में चल रही समस्याओं को लेकर खुलकर बात करनी होगी जिसकी वजह से आप थकन महसूस कर सकते हैं।

मकर राशि के जातकों को इस तरह की स्थिति से बचने के लिए आपको घर की साफ़-सफाई नियमित रूप से स्वयं करनी होगी क्योंकि बुध का संबंध आपकी दिनचर्या से भी है। ऐसा करने से आपके जीवन में सकारात्मकता का संचार होगा। घर पर आपको पेड़-पौधे लगाकर उन्हें रोज़ाना पानी देने और उनका ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।

बता दें कि चौथे भाव में बैठकर बुध ग्रह की सातवीं दृष्टि आपके दसवें भाव पर होगी। ऐसे में, कार्यक्षेत्र में आपका संचार कौशल और आपसी तालमेल शानदार रहेगा। लेकिन फिर भी आपको दूसरों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा। बुध का मेष राशि में गोचर के दौरान आपके लिए अपने कार्यस्थल को व्यवस्थित और साफ़ रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। इस अवधि में आपको कोई बड़ा और मुश्किल प्रोजेक्ट मिलने की संभावना है जो शुरुआत में आपको मुश्किल लग सकता है, लेकीन उसमें आपको सीखने को बहुत कुछ मिलेगा। ऐसे में, आपको अपने कंफर्ट जोन से बाहर आकर अपनी योग्यताओं को साबित करने की सलाह दी जाती है।

उपाय: प्रतिदिन तुलसी के पौधे की पूजा करें और उसके सामने तेल का दीपक जलाएं।

मकर राशिफल 2026

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के तीसरे भाव में बुध ग्रह गोचर करने जा रहे हैं। बता दें कि तीसरे भाव का संबंध संचार कौशल, साहस, पराक्रम, छोटे भाई-बहन और बदलाव से होता है और अक्सर इस भाव से छोटे भाई-बहन को देखा जाता है। बुध का मेष राशि में गोचर होने से आपका संचार कौशल और दूसरों से बात करने की क्षमता बेहतरीन बनेगी। आपको जीवन से जुड़े बड़े फैसले लेने के लिए बहुत कम समय मिलेगा जिनका संबंध महत्वपूर्ण बदलावों से होगा क्योंकि बुध ग्रह आपकी कुंडली में दो भावों को नियंत्रित करते हैं।

बता दें कि बुध देव आपके पांचवें भाव और आठवें भाव के स्वामी हैं। पांचवें भाव का संबंध संतान, शिक्षा, प्रेम संबंध और भविष्य से होता है। वहीं, दूसरी तरफ, बुध महाराज आपके आठवें भाव के भी स्वामी हैं जो अचानक होने वाले बदलाव, रहस्य, रिसर्च, लंबी उम्र और दूर स्थान या विदेश का भाव होता है। ऐसे में, यह गोचर आपके जीवन में परिवर्तन और नई दिशा लेकर आने वाला साबित हो सकता है।

बुध ग्रह अब आपके तीसरे भाव में विराजमान होंगे और इनकी इस स्थिति को अनुकूल माना जाता है। इसके परिणामस्वरूप, आपके द्वारा आने वाले सप्ताहों में जो भी प्रयास किए जाते हैं, वह आपको सकारात्मक परिणाम देने का काम कर सकते हैं। पांचवें भाव के स्वामी के रूप में बुध महाराज का आपके तीसरे भाव में गोचर होना दर्शाता है कि आप भविष्य को ध्यान में रखते हुए किसी नई चीज़ की शुरुआत कर सकते हैं या फिर नए कार्य के आरंभ की योजना बना सकते हैं।

बुध का मेष राशि में गोचर के दौरान आपके लिए जर्नल या डायरी लिखना भी एक उपाय के तौर पर काम करेगा क्योंकि बुध ग्रह हर तरह के संचार का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसमें लेखन के माध्यम से होने वाला संचार कौशल भी शामिल होता है। ऐसे में, आप अपने लक्ष्यों को निर्धारित कर सकते हैं।

बता दें तीसरे भाव में बैठकर बुध ग्रह की सातवीं दृष्टि आपके नौवें भाव पर होगी और इसके परिणामस्वरूप, आप धार्मिक यात्राएं करते हुए नज़र आ सकते हैं इसलिए आप तरोताज़ा रहेंगे।

उपाय: आप अपने कजिन या छोटे भाई-बहन को कुछ भेंट करें।

कुंभ राशिफल 2026

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए बुध महाराज आपके चौथे और नौवें भाव के स्वामी हैं इसलिए आपके जीवन में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। बता दें कि आपकी कुंडली में यह केंद्र भावों को नियंत्रित करते हैं। इनमें से चौथा भाव आपकी खुशियों, कंफर्ट जोन, माता और मातृभूमि को दर्शाता है जो चीज़ें आपको सुरक्षित महसूस करवाती है और आपको खुशी देने का काम करती है। वहीं, सातवां भाव आपके जीवनसाथी, बिज़नेस पार्टनर और रिश्तों से जुड़ा होता है।

बुध का मीन राशि में गोचर आपकी राशि के दूसरे भाव में होने जा रहा है और कुंडली में इस भाव का संबंध धन, बचत, परिवार और वाणी से जुड़ा होता है। । सातवें भाव के स्वामी के रूप में दूसरे भाव में बुध का गोचर होने से होगा। इसके परिणामस्वरूप, आपके जीवनसाथी को अच्छा ख़ासा धन लाभ होने के योग बनेंगे, विशेष रूप से जिनका जुड़ाव व्यापार से है। अगर आपका खुद का व्यापार है, तो बुध गोचर की अवधि में धन का प्रवाह सुगम बना रह सकता है।

बता दें कि दूसरे भाव में बुध देव की उपस्थिति व्यक्ति को शुभ परिणाम प्रदान करते हैं। इस अवधि में आप अपने घर में कोई बदलाव करते हुए दिखाई दे सकते हैं। बात करें रिलेशनशिप की, तो इस समय आप अपने पार्टनर की बात सुनेंगे।

दूसरे भाव में बैठे हुए बुध ग्रह की सातवीं दृष्टि आपके आठवें भाव पर पड़ रही होगी। इसके फलस्वरूप, यह आपके जीवन में अचानक से परिवर्तन लेकर आ सकता है इसलिए आपको जीवन में अचानक से होने वाली घटनाओं के लिए तैयार रहना होगा। अगर आप अपनी नौकरी या व्यापार को लेकर थोड़ी रिसर्च करेंगे, तो इसके लिए बुध गोचर की अवधि को अनुकूल कहा जाएगा। इस दौरान आप ज्योतिष या इससे जुड़े विषयों को सीखने में समय बिताते हुए नज़र आ सकते हैं जो आपके लिए बहुत फलदायी साबित होगा।

उपाय: प्रतिदिन तुलसी के पौधे को जल चढ़ाएं और एक पत्ती का सेवन करें।

मीन राशिफल 2026

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. बुध का मेष राशि में गोचर कब होगा?

बुध देव 30 अप्रैल 2026 को मेष राशि में गोचर कर जाएंगे।

2. मेष राशि का स्वामी कौन है?

राशि चक्र की पहली राशि मेष के स्वामी मंगल ग्रह हैं?

3. क्या मंगल और बुध ग्रह दोनों मित्र हैं?

नहीं, मंगल और बुध एक-दूसरे के शत्रु माने जाते हैं।

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